भगवान श्री कृष्ण

क्रोध से भ्रम पैदा होता है. भ्रम से बुद्धि व्यग्र होती है. जब बुद्धि व्यग्र होती है तब तर्क नष्ट हो जाता है. जब तर्क नष्ट होता है तब व्यक्ति का पतन हो जाता है। क्रोध ही हमारे रिश्तों को खराब करता है, क्रोध से हमारे सबद खराब होते हैं जिसे बनाने में सालो लगा दिये उस दोस्ती , प्यार के रिशते को खराब करने का काम यह क्रोध करता हैं